घर की छत पर सोलर
1 kW से 10 kW तक ऑन-ग्रिड सिस्टम, नेट मीटरिंग के साथ। पीएम सूर्य घर योजना की पूरी सब्सिडी — ₹1,08,000 तक।
और जानेंउत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की ₹78,000 सब्सिडी के ऊपर UPNEDA की ₹30,000 राज्य सब्सिडी भी मिलती है। HRJB आवेदन से लेकर नेट मीटर और सब्सिडी आने तक — पूरी प्रक्रिया खुद संभालता है।
| सिस्टम | केंद्र | UP राज्य | कुल |
|---|---|---|---|
| 1 kW | ₹30,000 | ₹15,000 | ₹45,000 |
| 2 kW | ₹60,000 | ₹30,000 | ₹90,000 |
| 3 kW+ | ₹78,000 | ₹30,000 | ₹1,08,000 |
3 kW सिस्टम से महीने के लगभग 300 यूनिट बनते हैं — एक सामान्य परिवार की पूरी ज़रूरत। सब्सिडी कमीशनिंग के 30–45 दिन में सीधे बैंक खाते में आती है।
सिर्फ़ अपना महीने का बिजली बिल बताइए। हम बता देंगे कि कितने kW का सिस्टम चाहिए, कितनी सब्सिडी मिलेगी और आपको असल में कितना देना होगा।
1 kW के लिए लगभग 100 वर्ग फुट छाया-रहित जगह चाहिए।
यह केवल अनुमान है, कोटेशन नहीं। असल लागत छत की बनावट, दूरी, ब्रांड और नेट मीटरिंग शुल्क पर निर्भर करती है। बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज फिर भी लग सकता है। सटीक कीमत के लिए मुफ़्त साइट सर्वे कराएं।
घर की छत से लेकर खेत के पंप तक — सर्वे, डिज़ाइन, इंस्टॉलेशन, सरकारी कागज़ी काम और सालाना मेंटेनेंस, सब कुछ HRJB करता है।
1 kW से 10 kW तक ऑन-ग्रिड सिस्टम, नेट मीटरिंग के साथ। पीएम सूर्य घर योजना की पूरी सब्सिडी — ₹1,08,000 तक।
और जानेंदुकान, फैक्ट्री, स्कूल, अस्पताल और हाउसिंग सोसाइटी के लिए 10 kW से 500 kW तक। एक्सीलरेटेड डेप्रिसिएशन का फ़ायदा भी।
और जानेंपीएम-कुसुम योजना के तहत किसानों के लिए 3 HP से 10 HP तक सोलर पंप — भारी सब्सिडी और डीज़ल से पूरी छुट्टी।
और जानेंबैटरी बैकअप सिस्टम, सोलर वाटर हीटर, स्ट्रीट लाइट — और लगे हुए सिस्टम की सफ़ाई, मरम्मत व सालाना मेंटेनेंस।
और जानेंसरकारी पोर्टल, DISCOM की फ़ाइल, नेट मीटर का आवेदन — यह सब झंझट HRJB संभालता है। आपको सिर्फ़ कागज़ देने हैं।
हमारी टीम आपकी छत देखती है — दिशा, छाया, जगह और मौजूदा लोड। फिर सही kW और सटीक कोटेशन देती है।
pmsuryaghar.gov.in पर आपका आवेदन, बिजली बिल का उपभोक्ता नंबर और बैंक विवरण — सब हम भरते हैं।
UPPCL आपके कनेक्शन की जाँच कर तकनीकी मंज़ूरी देता है। हम फ़ॉलो-अप करके काम अटकने नहीं देते।
MNRE-अनुमोदित पैनल, गैल्वनाइज़्ड स्ट्रक्चर और ISI इन्वर्टर। हवा-प्रतिरोधी माउंटिंग, साफ़ वायरिंग और अर्थिंग के साथ।
नेट मीटर का आवेदन, DISCOM निरीक्षण और कमीशनिंग रिपोर्ट। UP में 10 kW तक के सिस्टम विद्युत निरीक्षक की जाँच से मुक्त हैं।
कमीशनिंग के बाद केंद्र की सब्सिडी आती है, फिर UPNEDA अपने आप राज्य सब्सिडी भेज देता है — अलग से आवेदन नहीं करना पड़ता।
पैनल 25 साल चलते हैं। असली फ़र्क़ इसमें है कि लगाने वाला 25 साल साथ रहता है या नहीं।
पोर्टल रजिस्ट्रेशन, DISCOM फ़ाइल, नेट मीटर आवेदन और सब्सिडी क्लेम — एक भी फ़ॉर्म आपको नहीं भरना पड़ेगा।
ALMM लिस्ट के पैनल और ISI इन्वर्टर ही लगाते हैं। सस्ता, बिना वारंटी वाला सामान हम रखते ही नहीं — क्योंकि सब्सिडी भी उसी पर मिलती है।
हमारी टीम उत्तर प्रदेश में ही है। कोई दिक़्क़त हो तो कॉल सेंटर नहीं, सीधे इंजीनियर आपकी छत पर पहुँचता है।
कोटेशन में हर चीज़ लिखी होती है — पैनल का ब्रांड, वॉट, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायर। बाद में कोई छुपा हुआ खर्च नहीं।
इंस्टॉलेशन के बाद 5 साल तक नियमित जाँच और सफ़ाई मुफ़्त। गंदे पैनल 20% तक कम बिजली बनाते हैं — हम ऐसा होने नहीं देते।
बैंकों से रूफटॉप सोलर लोन कम ब्याज पर मिलता है। कागज़ तैयार करने में हम पूरी मदद करते हैं।
कुछ हाल के इंस्टॉलेशन — घर, दुकान और खेत, तीनों जगह।
★★★★★“पहले बिल ₹3,200 आता था, अब ₹250 के आसपास आता है। सब्सिडी भी 40 दिन में खाते में आ गई। सबसे अच्छी बात — पोर्टल का सारा काम इन्होंने खुद किया।”
राजेश अग्रवाल3 kW · गोमती नगर, लखनऊ
★★★★★“दुकान पर 10 kW लगवाया। टीम समय पर आई, दो दिन में काम खत्म। कोटेशन में जो लिखा था, वही सामान लगा — कुछ बदला नहीं गया।”
सुनील गुप्ता10 kW · गोविंद नगर, कानपुर
★★★★★“डीज़ल पंप का खर्च हर महीने ₹4,000 था। सोलर पंप लगने के बाद वो पूरा बच रहा है। कुसुम योजना का फ़ॉर्म भी इन्हीं लोगों ने भरवाया।”
रामकिशोर यादव5 HP पंप · प्रयागराज
केंद्र सरकार 1 kW पर ₹30,000, 2 kW पर ₹60,000 और 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर ₹78,000 देती है। उत्तर प्रदेश में इसके ऊपर UPNEDA की ₹15,000 प्रति kW (अधिकतम ₹30,000) राज्य सब्सिडी भी मिलती है। यानी 3 kW पर कुल ₹1,08,000 तक।
नहीं। राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर एक ही आवेदन काफ़ी है। केंद्र की सब्सिडी आने के बाद UPNEDA अपने आप राज्य वाली राशि आपके उसी बैंक खाते में भेज देता है।
सिस्टम की कमीशनिंग और नेट मीटर लगने के बाद आमतौर पर 30 से 45 दिन में राशि सीधे बैंक खाते में (DBT से) आ जाती है। इसलिए बैंक खाता और आधार का सही होना ज़रूरी है।
यह आपकी खपत पर निर्भर है। मोटा नियम — 1 kW रोज़ लगभग 4 यूनिट बनाता है, यानी महीने के 120 यूनिट। ₹2,500 के बिल वाले घर के लिए आमतौर पर 3 kW ठीक रहता है। ऊपर दिए कैलकुलेटर से आप खुद अंदाज़ा लगा सकते हैं।
हर 1 kW के लिए लगभग 100 वर्ग फुट छाया-रहित छत चाहिए। यानी 3 kW के लिए करीब 300 वर्ग फुट। छत पर पानी की टंकी या पेड़ की छाया हो तो सर्वे में हम सही जगह और झुकाव तय कर देते हैं।
ऑन-ग्रिड सिस्टम नेट मीटर से जुड़ा होता है। दिन में जो अतिरिक्त बिजली बनती है वह ग्रिड में चली जाती है और आपके खाते में यूनिट जुड़ जाती हैं। रात या बादल के दिनों में आप वही यूनिट वापस इस्तेमाल करते हैं। इसलिए बैटरी की ज़रूरत नहीं पड़ती।
खपत के हिसाब से सही साइज़ का सिस्टम लगे तो बिल लगभग ज़ीरो हो जाता है। लेकिन DISCOM का फिक्स्ड चार्ज और मीटर रेंट फिर भी लगता रहता है, इसलिए हर महीने एक छोटी राशि का बिल आता रहेगा। हम कभी “बिल्कुल ज़ीरो” का वादा नहीं करते।
भारत का कोई भी नागरिक जिसके नाम पर घरेलू बिजली कनेक्शन हो, जिसकी अपनी छत हो और जिसे पहले किसी सोलर सब्सिडी का लाभ न मिला हो। किराएदार मकान मालिक की अनुमति और उनके कनेक्शन से आवेदन कर सकते हैं।
आधार कार्ड, बिजली का ताज़ा बिल (उपभोक्ता संख्या के लिए), बैंक पासबुक या रद्द चेक, और छत के मालिकाना हक़ का कोई प्रमाण। बस इतना ही — बाकी सब हम भरते हैं।
पैनल पर 25 साल की परफॉर्मेंस वारंटी होती है और इन्वर्टर आमतौर पर 5–10 साल चलता है। मेंटेनेंस के नाम पर बस महीने में एक-दो बार पानी से सफ़ाई। HRJB से लगवाने पर पहले 5 साल की नियमित जाँच और सफ़ाई मुफ़्त है।
हाँ। कई बैंक रूफटॉप सोलर के लिए कम ब्याज दर पर लोन देते हैं, और सब्सिडी की राशि सीधे लोन में समायोजित हो जाती है। कागज़ तैयार करने में हम मदद करते हैं, पर मंज़ूरी बैंक के विवेक पर होती है।
नहीं। HRJB एक निजी सोलर इंस्टॉलेशन कंपनी है। सब्सिडी भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार देती है — हम आपको सही सिस्टम लगाकर देते हैं और आवेदन की पूरी प्रक्रिया में मदद करते हैं। सब्सिडी की राशि और पात्रता सरकार तय करती है, हम नहीं।
फ़ॉर्म भरिए या सीधे WhatsApp कीजिए। हमारी टीम 24 घंटे के अंदर आपसे संपर्क करेगी और आपकी छत के हिसाब से सटीक कोटेशन देगी।
WhatsApp खुल गया है — बस भेज दीजिए। अगर नहीं खुला हो तो सीधे कॉल कर लीजिए, हम 24 घंटे में जवाब देंगे।
+91 94154 01126UPNEDA की ₹30,000 राज्य सब्सिडी पहले 1,00,000 इंस्टॉलेशन तक ही है, और 60,000 से ज़्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। कोटा खत्म होने के बाद सिर्फ़ केंद्र की सब्सिडी बचेगी।